
NITTTR Bhopal is celebrating its 61st year of foundation. A grand program is being organized on the occasion of Foundation Day celebrations on 7th April in which Mr. Kailash Satyarthi, winner of Nobel Peace Prize in 2014, will be present as the chief guest.
NITTTR Director Prof. C.C. Tripathi said that the institute has completed a glorious journey of 61 years. We will feel proud to have Shri Kailash Satyarthi amongst us on the foundation day and will listen to his inspiring life journey and his thoughts.
NITTR Bhopal’s Dean Corporate and International Relations Prof. PK Purohit informed that approval has been received from Shri Kailash Satyarthi’s office in this regard. On this occasion, short films made on the life journey of Shri Kailash Satyarthi and NITTTR’s 61 years journey will also be screened.
It is worth mentioning that Shri Kailash Satyarthi was awarded the Nobel Peace Prize in 2014 for his movement against the oppression of children and youth and for the right to education for all children. On this occasion, heads of various organizations, dignitaries, faculty members, officers, employees and children will also be present at the institute.
एनआईटीटीटीआर भोपाल के 61वें स्थापना दिवस में शामिल होंगे कैलाश सत्यार्थी
एनआईटीटीटीआर भोपाल अपनी स्थापना का 61वां वर्ष मना रहा है। स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर 7 अप्रैल को एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 2014 में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता श्री कैलाश सत्यार्थी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
एनआईटीटीटीआर के निदेशक प्रो. सी.सी. त्रिपाठी ने कहा कि संस्थान ने 61 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पूरी कर ली है। स्थापना दिवस पर हमें श्री कैलाश सत्यार्थी को अपने बीच पाकर गर्व महसूस होगा और उनकी प्रेरक जीवन यात्रा और उनके विचारों को सुनेंगे।
एनआईटीटीटीआर भोपाल के डीन कॉरपोरेट एवं इंटरनेशनल रिलेशंस प्रो. पीके पुरोहित ने बताया कि इस संबंध में श्री कैलाश सत्यार्थी के कार्यालय से स्वीकृति मिल गई है। इस अवसर पर श्री कैलाश सत्यार्थी की जीवन यात्रा और एनआईटीटीटीआर की 61 वर्षों की यात्रा पर बनी लघु फिल्में भी दिखाई जाएंगी।
उल्लेखनीय है कि श्री कैलाश सत्यार्थी को बच्चों और युवाओं के उत्पीड़न के खिलाफ़ उनके आंदोलन और सभी बच्चों के लिए शिक्षा के अधिकार के लिए 2014 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इस अवसर पर संस्थान के विभिन्न संगठनों के प्रमुख, गणमान्य व्यक्ति, संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी और बच्चे भी मौजूद रहेंगे।